पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में मतदाताओं को धमकाने की शिकायत पर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि 12 घंटे के भीतर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे मतदाता बिना किसी डर के मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें।
बाइक जुलूस से डराने का आरोप
डायमंड हार्बर इलाके में कई बाइक सवार लोगों द्वारा कथित तौर पर डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आई हैं। आरोप है कि बाइक जुलूस के दौरान नारे लगाए गए—“4 तारीख को भयानक खेल होगा, याद रखना।” इस घटना के बाद इलाके में तनाव और भय का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने इसे चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश बताया। शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंचते ही प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मनोज अग्रवाल करेंगे जमीनी समीक्षा
मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल रविवार सुबह दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप पहुंचेंगे। वहां वे उम्मीदवारों और उनके चुनाव प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के साथ क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता और मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी।
कटवा में भी होगी उच्चस्तरीय बैठक
काकद्वीप के बाद मनोज अग्रवाल पूर्वी बर्धमान के कटवा जाएंगे, जो दूसरे चरण के मतदान वाले 142 संवेदनशील केंद्रों में शामिल है। कटवा में भी वे उम्मीदवारों, चुनाव प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे।
पांच पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को डायमंड हार्बर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीपीओ समेत पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। आयोग ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन और निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता के कारण यह कार्रवाई की गई है। मुख्य सचिव को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी गई और तत्काल अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।