कोलकाता: पश्चिम बंगाल जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन बोर्ड (WBJEEB) ने राज्य जॉइंट एंट्रेंस (WBJEE-2026) की डिसेंट्रलाइज्ड सेंट्रल ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर बने भ्रम को दूर करते हुए एक महत्वपूर्ण शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी किया है। रविवार को बोर्ड द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, जो छात्र पहले ही सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर या फार्मेसी पाठ्यक्रमों में दाखिला ले चुके हैं, उन्हें भी अब आगे की केंद्रीय ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इस फैसले के तुरंत बाद राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार मेधा से कोई समझौता नहीं करेगी।
विभिन्न हितधारकों की मांग पर बदला 27 अगस्त का नियम
बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि विभिन्न हितधारकों (Stakeholders) से मिले ज्ञापनों और आवेदनों पर विचार करने के बाद यह कदम उठाया गया है। इससे पहले बोर्ड ने 27 अगस्त को इस संबंध में एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसे अब आंशिक रूप से संशोधित कर दिया गया है। डब्ल्यूबीजेईईबी (WBJEEB) जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत अधिसूचना और संशोधित काउंसलिंग समय सारिणी (Revised Counselling Schedule) जारी करेगा।
मेधा की सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख
जॉइंट बोर्ड के फैसले की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय काउंसलिंग को लेकर छात्रों के मन में असमंजस और डर का माहौल था। मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने तुरंत बोर्ड को निर्देश देकर इस शुद्धिपत्र को जारी करवाया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कॉलेजों के स्तर पर बिना मेरिट सूची वाले छात्रों के अनियमित प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
जल्द जारी होगी नई काउंसलिंग समय सारिणी
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि बोर्ड पहली बार इस तरह से नियंत्रित माध्यम से केंद्रीय काउंसलिंग आयोजित कर रहा है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से किसी भी तरह की अफवाह या पैनिक से दूर रहने की अपील की। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा और जल्द ही काउंसलिंग के हर चरण की जानकारी देते हुए एक अलग विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।