पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कोलकाता में हाई-लेवल बैठक बुलाई गई है। धना धान्य सभागार में होने वाली इस बैठक में चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
बैठक में पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा होगी। संवेदनशील इलाकों की पहचान, सुरक्षा बलों की तैनाती और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या बाधा न आए।
अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की बड़ी मौजूदगी
इस बैठक में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर, उत्तर और दक्षिण कोलकाता के जिला चुनाव अधिकारी, दक्षिण 24 परगना के अधिकारी और चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक शामिल होंगे। साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के अधिकारी और सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर भी मौजूद रहेंगे।
मतदान कर्मियों की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में मतदान कर्मियों की अंतिम तैयारियों, बूथ मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक व्यवस्था पर भी चर्चा होगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु और बिना किसी रुकावट के संपन्न हो।
पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग से बढ़ी चुनौती
पहले चरण में 93% से ज्यादा मतदान दर्ज होने के बाद अब दूसरे चरण को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव आयोग की कोशिश है कि पूरे चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जाए।