कोलकाता: विधानसभा चुनाव के ताजा रुझानों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर दिखाया है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को कई जिलों में करारी हार का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भाजपा ने उत्तर से दक्षिण बंगाल तक मजबूत बढ़त बना ली है। चुनाव आयोग के आंकड़े राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।
उत्तर बंगाल में TMC का सूपड़ा साफ
उत्तर बंगाल में भाजपा का दबदबा पूरी तरह नजर आया। कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग की सभी सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। इस क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल सकी।
जंगलमहल में BJP की बड़ी जीत
जंगलमहल, जो कभी TMC का मजबूत गढ़ था, वहां भी भाजपा ने बाजी मार ली। पुरुलिया, झाड़ग्राम और बांकुड़ा में भाजपा का शानदार प्रदर्शन रहा। बीरभूम में भी भाजपा ने बढ़त बनाकर तृणमूल को कड़ी चुनौती दी।
दक्षिण बंगाल में ढहे TMC के किले
दक्षिण बंगाल में भी तृणमूल के कई मजबूत गढ़ टूटते नजर आए। पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बर्दवान और पश्चिम मेदिनीपुर समेत कई जिलों में भाजपा ने भारी जीत दर्ज की। नदिया, उत्तर 24 परगना, हावड़ा और हुगली में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा।
इन जिलों में कांटे की टक्कर
मालदा और दक्षिण दिनाजपुर में मुकाबला बेहद करीबी रहा, जहां दोनों दलों ने बराबरी की सीटें जीतीं। वहीं दक्षिण 24 परगना में तृणमूल ने अपनी पकड़ बरकरार रखी, लेकिन भाजपा ने यहां भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। भांगड़ सीट पर इंडियन सेकुलर फ्रंट ने कब्जा कायम रखा।
दो दशकों में BJP का बढ़ता ग्राफ
भाजपा ने बंगाल में लंबी राजनीतिक यात्रा के बाद यह सफलता हासिल की है।
➡️ 2001: 5% वोट, 0 सीट
➡️ 2016: 10% वोट, 3 सीट
➡️ 2021: 38% वोट, 77 सीट
➡️ 2019 लोकसभा: 42.8% वोट, 18 सीट
➡️ 2024 लोकसभा: 39.1% वोट, 12 सीट