कोलकाता: पश्चिम बंगाल में लाइसेंस प्राप्त विदेशी शराब की दुकानों और रेस्टोरेंट-कम-बार संचालकों ने राज्य में कथित हिंसा, तोड़फोड़ और जबरन बंद कराने की घटनाओं पर चिंता जताई है। सोसाइटी फॉर द वेलफेयर ऑफ वेस्ट बंगाल फॉरेन लिकर लाइसेंसेस ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को ज्ञापन भेजकर कानून-व्यवस्था बहाल करने और लाइसेंसधारियों को सुरक्षा देने की मांग की है। दस्तावेज़ के अनुसार यह पत्र 5 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया है।
कई जिलों में हिंसा और तोड़फोड़ का लगाया आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले करीब डेढ़ महीने के दौरान कई जिलों में कुछ समूहों द्वारा लाइसेंस प्राप्त शराब दुकानों के खिलाफ विरोध, कथित धमकी, तोड़फोड़ और जबरन बंद कराने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। संगठन का दावा है कि इससे वैध कारोबार करने वाले लाइसेंसधारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
इन जिलों का किया गया उल्लेख
संगठन ने अपने पत्र में कूचबिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना, बांकुड़ा और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों का उल्लेख करते हुए कहा है कि इन क्षेत्रों में शराब दुकानों को नुकसान पहुंचाने और कारोबार प्रभावित करने की घटनाएं सामने आई हैं।
पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर उठाए सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शिकायतों के बावजूद कई मामलों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। संगठन का कहना है कि जिन दुकानों को सरकार ने नियमों के तहत लाइसेंस जारी किए हैं, उन्हें सुचारु रूप से संचालित कराने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की है। इसलिए पुलिस और आबकारी विभाग को कानून के अनुसार प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
मुख्यमंत्री से की गई ये प्रमुख मांगें
संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्यभर में लाइसेंस प्राप्त शराब दुकानों और रेस्टोरेंट-कम-बार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा वैध लाइसेंसधारियों को बिना किसी बाधा के अपना कारोबार चलाने का अवसर मिले।