कोलकाता: पश्चिम बंगाल में फार्म-6 को लेकर राजनीतिक विवाद अब गंभीर टकराव में बदलता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 जमा करने का आरोप लगाते हुए कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। टीएमसी का दावा है कि 30 मार्च को चुनाव आयोग के कार्यालय में हजारों की संख्या में फार्म-6 जमा किए गए, जो नियमों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता इस तरह सामूहिक रूप से फार्म जमा नहीं कर सकते और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सीईओ दफ्तर के बाहर हिंसा, पुलिस से झड़प
विवाद उस समय और बढ़ गया जब कोलकाता के स्ट्रैंड रोड स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे एसयूसीआई (SUCI) समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और “फर्जी वोटर” जोड़े जा रहे हैं। स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद जोरदार धक्का-मुक्की और टकराव हुआ। इस घटना के कारण स्ट्रैंड रोड और हेयर स्ट्रीट पर घंटों तक यातायात ठप रहा, जिससे हावड़ा जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
48 घंटे से बना है तनाव, धारा 163 लागू
लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत सीईओ कार्यालय के आसपास के इलाकों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है और स्ट्रैंड रोड के बड़े हिस्से को इसके दायरे में शामिल किया गया है। पुलिस के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर यह कदम उठाया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और किसी भी बड़े उपद्रव को रोका जा सके।
भाजपा-टीएमसी आमने-सामने, पहले भी हो चुकी है झड़प
मंगलवार को भी भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी, जब एक व्यक्ति को कथित तौर पर फार्म-6 के बड़े बंडल के साथ सीईओ कार्यालय में प्रवेश करते हुए पकड़ा गया। इस घटना के बाद टीएमसी समर्थित बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।
महुआ मोइत्रा का आरोप, भाजपा का इंकार
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता पिछले दो दिनों में 30 से 40 हजार फार्म-6 जमा कर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
आम लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
राजनीतिक घमासान के बीच आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्ट्रैंड रोड पर घंटों जाम लगा रहा, जिससे हावड़ा स्टेशन जाने वाले यात्रियों और ऑफिस जाने वालों को काफी परेशानी हुई। एक यात्री ने कहा कि वह दो घंटे से बस में फंसा है और ट्रेन छूटने का डर सता रहा है, वहीं एक अन्य ने कहा कि हर राजनीतिक विवाद का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।
चुनाव आयोग सख्त, सुरक्षा बढ़ाई गई
मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीईओ कार्यालय के बाहर भारी पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। फार्म-6 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है। चुनाव से पहले इस तरह का राजनीतिक टकराव राज्य में माहौल को और गरमा सकता है, जबकि प्रशासन के सामने निष्पक्ष चुनाव कराना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।