कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार के पुस्तकालय सेवा निदेशालय (Directorate of Library Services) ने राज्य के सभी सरकारी सार्वजनिक पुस्तकालयों में किताबों, पत्रिकाओं और अन्य दस्तावेजों के संग्रह की समीक्षा (Review) करने का अनिवार्य निर्देश जारी किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुस्तकालयों की संग्रह विकास नीति को पाठकों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
अधिकारियों और लाइब्रेरियन को मिला आदेश
निदेशालय द्वारा जारी मेमो के अनुसार, सभी जिला पुस्तकालय अधिकारियों (DLOs), ADLO, SMPA और राज्य केंद्रीय पुस्तकालय (SCL) सहित सभी सरकारी सार्वजनिक पुस्तकालयों के लाइब्रेरियन को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पुस्तकालयों के संग्रह की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।

अनुपयोगी सामग्री बदलेगी
इस समीक्षा प्रक्रिया के दौरान यदि किसी पुस्तकालय में ऐसे दस्तावेज या किताबें पाई जाती हैं जो वर्तमान या भविष्य के पाठकों के लिए उपयोगी नहीं हैं (poor collection), तो उन्हें तत्काल हटाकर उनकी जगह उपयुक्त और नई सामग्री उपलब्ध करानी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाठकों की जरूरतों को पूरा करना प्राथमिकता है।
रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य
इस कार्य को अत्यंत आवश्यक (most urgent) श्रेणी में रखा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों और लाइब्रेरियन को निर्देश दिया गया है कि वे इस समीक्षा प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) भी जमा करें।