मुंबई | दीपावली के अवसर पर आज, रविवार 8 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में एक घंटे से अधिक का विशेष कारोबारी सत्र चलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक होगी।
मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा शेड्यूल
एक्सचेंजों के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विशेष कारोबारी सत्र से पहले प्री-ओपनिंग और ब्लॉक डील की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
- ब्लॉक डील विंडो: दोपहर 1:50 से 2:05 बजे तक
- प्री-ओपनिंग सत्र: दोपहर 2:05 से 2:20 बजे तक
- मुहूर्त ट्रेडिंग: दोपहर 2:20 से 3:30 बजे तक
- क्लोजिंग और पोस्ट-क्लोजिंग सत्र: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार
हिंदू नववर्ष की शुभ शुरुआत का प्रतीक है मुहूर्त ट्रेडिंग
शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग को शुभ माना जाता है। यह केवल एक विशेष कारोबारी सत्र नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी है। इसी वजह से बड़ी संख्या में निवेशक इस दौरान सांकेतिक तौर पर शेयर खरीदते हैं और नए निवेश की शुरुआत करते हैं। मान्यता है कि लक्ष्मी पूजन के दिन किया गया निवेश आने वाले वर्ष में समृद्धि और शुभ फल प्रदान करता है। कई दीर्घकालिक निवेशक इस अवसर पर अपने पोर्टफोलियो में नए शेयर जोड़ते हैं, जबकि कुछ लोग केवल शुभ शुरुआत के लिए प्रतीकात्मक खरीदारी करते हैं।
नवंबर में इन तारीखों पर भी बंद रहेगा शेयर बाजार
नवंबर 2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग के अलावा कुछ अन्य अवसरों पर भी शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दीपावली-बलिप्रतिपदा के अवसर पर 10 नवंबर और गुरु नानक देव प्रकाश पर्व के चलते 24 नवंबर को बाजार बंद रहेगा। इसके अलावा शनिवार और रविवार के नियमित साप्ताहिक अवकाश भी लागू रहेंगे।
निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन पर दें ध्यान
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व धार्मिक परंपरा के साथ-साथ निवेशकों के मनोबल और बाजार की सकारात्मक भावना से भी जुड़ा है। हालांकि, निवेश का फैसला केवल शुभ मुहूर्त के आधार पर नहीं करना चाहिए। निवेशकों को किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन, भविष्य की संभावनाओं और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना चाहिए। भारतीय शेयर बाजार में दशकों पुरानी यह परंपरा आज भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।