भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरों ने हाल के दिनों में आम उत्पादकों, निर्यातकों और व्यापारियों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि नेपाल के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में प्रसारित जानकारी भ्रामक है और वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
नियमों का पालन करने पर जारी रहेगा आयात
नेपाल सरकार के अनुसार भारत से आने वाले आमों का आयात पहले की तरह जारी है। केवल यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आयातित फलों से संबंधित सभी फाइटोसैनिटरी और गुणवत्ता मानकों का पालन हो। यदि निर्यातक निर्धारित नियमों और पौध स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, तो उन्हें नेपाल के बाजार में आम बेचने की अनुमति बिना किसी बाधा के मिल रही है।
निर्यात के आंकड़े बता रहे हैं व्यापार की वास्तविक तस्वीर
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष जनवरी से अब तक भारत से नेपाल को 2,005 टन आम की 149 खेपों का निर्यात किया जा चुका है। केवल जून महीने में ही 266 टन आम की 18 खेपें नेपाल पहुंची हैं। ये आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि दोनों देशों के बीच आम का व्यापार सामान्य रूप से जारी है और प्रतिबंध की खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
नए आयात नियम बने चर्चा का कारण
हाल ही में नेपाल ने आम आयात से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत भारत से भेजे जाने वाले आमों के लिए हॉट वॉटर ट्रीटमेंट यानी गर्म जल उपचार अनिवार्य किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फलों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि भारत ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि नेपाल ने यह बदलाव लागू करने से पहले पर्याप्त द्विपक्षीय परामर्श नहीं किया। यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंचों तक भी पहुंच चुका है।
व्यापारियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
नेपाल सरकार ने आम व्यापारियों और निर्यातकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अपुष्ट रिपोर्टों पर भरोसा न करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय आमों के लिए नेपाल का बाजार खुला हुआ है और केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच कृषि व्यापारिक संबंध मजबूत बने हुए हैं और इस तरह की अफवाहें अनावश्यक भ्रम पैदा करती हैं।