बजट से पहले गोल्ड और सिल्वर मार्केट में जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही है। वायदा बाजार में लगातार दूसरे दिन सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। 1 फरवरी को चांदी करीब 9 फीसदी टूट गई, जबकि सोने के दाम भी हजारों रुपए घट गए। कीमतों में आई इस गिरावट का असर ETF से लेकर सर्राफा बाजार तक साफ नजर आ रहा है।
1 फरवरी को बजट पेश होने से पहले वायदा बाजार में चांदी 26 हजार रुपए सस्ती हो गई। इसके बाद 1 किलो चांदी का भाव घटकर 2.65 लाख रुपए पर आ गया। वहीं सोने में भी करीब 12 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की गई और 10 ग्राम सोना 1.38 लाख रुपए के स्तर पर आ गया।
आज सर्राफा बाजार बंद है। इससे पहले 30 जनवरी को भी कीमती धातुओं में भारी गिरावट देखी गई थी। उस दिन चांदी 40,638 रुपए और सोना 9,545 रुपए सस्ता हुआ था। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी का भाव 3,39,350 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,65,795 रुपए पर आ गया था।
पिछले दो दिनों में MCX पर सोने के दाम करीब 31 हजार रुपए गिर चुके हैं। 29 जनवरी को सोना 1.69 लाख रुपए तक पहुंच गया था, जो अब 1.38 लाख रुपए पर ट्रेड कर रहा है। वहीं चांदी भी दो दिन में करीब 1.36 लाख रुपए सस्ती हो गई है। 29 जनवरी को चांदी 4.01 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंची थी।
सोने-चांदी में आई इस गिरावट का सीधा असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी पड़ा है। शुरुआती कारोबार में गोल्ड ETF करीब 8 फीसदी तक टूट गए, जबकि सिल्वर ETF में 15 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग और फिजिकल डिमांड में कमजोरी है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी। इसके साथ ही औद्योगिक मांग को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं।
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने और चांदी पर मार्जिन बढ़ा दिया है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। मार्जिन बढ़ने से ट्रेडर्स पर अतिरिक्त दबाव बनता है और मजबूरी में बिकवाली बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर दबाव बना रहता है।
Comments (0)