लगातार हो रहे हादसे और छोटे बच्चों का बोरवेल में गिरने की घटना को देखते हुए प्रशासन ने नया आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है। एक ऐसा ही आदेश भोपाल जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए
जिले में अनुपयोगी और खुले नलकूपों, बोरवेल में छोटे बच्चों के गिरने संबंधी दुर्घटनाओं को रोकने के दृष्टिगत कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि भोपाल जिले के सभी अनुपयोगी और खुले नलकूप बोरवेल / ट्यूबवेल की जानकारी एकत्रित कर उन्हें सुरक्षित रूप से बंद करने की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाए। जिन बोरवेल का उपयोग नहीं किया जाता है, या जिन बोरवेल में मोटर नहीं डली है। जिनमें बोर कैप नहीं लगा हुआ है, समस्त खुले बोरो में बोर कैप संबंधित मकान मालिक / किसान/संस्था को लगवाये जाने हेतु आदेशित किया है।
यांत्रिकी विभाग भोपाल विकसित करेगा पोर्टल
अनुपयोगी अथवा खुले पड़े बोरवेल को लोहे के मजबूत ढक्कन / कैप से नट बोल्टों की सहायता से मजबूती के साथ बंद किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों / नगरीय क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अपने-अपने क्षेत्र का भ्रमण कर उक्त व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने के लिए उत्तरदायी होगें। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग भोपाल द्वारा शासन के निर्देशानुसार एक पोर्टल विकसित किया जायेगा।
उक्त पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत/जनपद पंचायत/ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों में संबंधित नगर पालिक निगम / नगरीय निकाय द्वारा नवीन नलकूप खनन की जानकारी, नलकूप खनन मशीनों का पंजीयन, नलकूप खनन करने वाले ठेकेदारों की जानकारी तथा अनुपयोगी और खुले नलकूपों की जानकारी दी जाएगी तथा इसकी मॉनीटरिंग की जाए। आदेश का उल्लंघन किये जाने पर सम्बंधित के विरूद्ध धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
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