प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए नई टीम के साथ मैदान में उतरेंगे। क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के आधार पर युवाओं को आगे किया जाएगा। यह ठीक उसी प्रकार से होगा जिस तरह से कमलनाथ के स्थान पर जीतू पटवारी को अध्यक्ष और उमंग सिंघार को विधायक दल का नेता बनाकर संदेश दिया है। वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करके पटवारी टीम को अंतिम रूप देंगे।
हार से निराश हैं कार्यकर्ता
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हैं। यदि नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया जाता तो कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश नहीं जाता। दरअसल, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा गया था।
विरोध प्रदर्शन भी हुए
दोनों की पसंद पर टिकट वितरण हुआ। इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए पर अंतिम निर्णय दोनों की पसंद पर ही हुए।चुनाव अभियान के संचालन की दिशा भी इन्होंने ही तय की। जब परिणाम अनुकूल नहीं आई तो नेतृत्व पर बात उठना स्वभाविक थी। केंद्रीय संगठन ने चुनाव परिणाम की समीक्षा के साथ ही पीढ़ी परिवर्तन का मन बना लिया था। पटवारी का सकारात्मक पक्ष यह है कि युवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष रहते, उन्होंने पूरे प्रदेश में नेटवर्क बनाया और अब यह टीम मुख्यधारा में आएगी। नए लोगों को प्रदेश इकाई में काम करने का मौका मिलेगा तो वरिष्ठों का साथ भी लिया जाएगा।
मार्च में लोकसभा चुनाव होंगे घोषित
लोकसभा चुनाव मार्च में घोषित हो जाएंगे। इस हिसाब से देखा जाए तो पटवारी के सामने पहले चुनौती कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव के लिए तैयार करने की होगी। उन्हें निराशा के भाव से निकालकर भाजपा से मुकाबले के लिए प्रेरित करना होगा। प्रत्याशी चयन के साथ-साथ चुनिंदा लोकसभा सीटों पर अभी से काम करना होगा।
विधानसभा चुनाव में पार्टी जरूर हार गई पर छिंदवाड़ा सहित दस लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम के हिसाब से भाजपा को पराजय मिली है। इनमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, टीकमगढ़, मंडला, बालाघाट, रतलाम, धार और खरगोन सीट शामिल हैं।
क्षेत्रीय संतुलन साधने बनाए जाएंगे कार्यकारी अध्यक्ष
सूत्रों का कहना है कि क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए चार कार्यकारी अध्यक्ष भी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त किए जा सकते हैं। यह प्रयोग कमल नाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनते समय भी किया था। उस समय जीतू पटवारी कार्यकारी अध्यक्ष थे। पटवारी और उमंग सिंघार मालवांचल से आते हैं। जबकि, विधायक दल के उप नेता बनाए गए हेमंत कटारे ग्वालियर अंचल से आते हैं। विंध्य, महाकोशल, बुंदेलखंड और मध्य भारत से कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधा जा सकता है।
संगठन से लेकर मीडिया टीम में होगा परिवर्तन
सूत्रों का कहना है कि पटवारी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद संगठन से लेकर मीडिया टीम में परिवर्तन होगा। हर प्रदेश अध्यक्ष अपने हिसाब से संगठन महामंत्री और मीडिया विभाग का अध्यक्ष नियुक्त करता है। हालांकि, पटवारी ने अभी सभी से अपना दायित्व निभाते रहने के लिए कहा है पर कुुछ पदाधिकारियों ने पटवारी से कहा है कि वे उन्हें कार्यमुक्त कर अपने हिसाब से टीम बनाएं।
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