मध्यप्रदेश के मंदसौर में लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। जिले में अब तक 2 पशुओं में लंपी वायरस की पुष्टि की जा चुकी है। 135 गांव के लगभग 296 पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिले हैं। 2 पशुओं की लंपी वायरस से मौत भी हुई है। पशुपालन विभाग ने लंबी वायरस के लक्षण वाले पशुओं को अन्य पशुओं से दूर रखने की पशुपालकों को सख्त हिदायत दी है।
लंपी वायरस लक्षण वाले पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखा जाए
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मनीष इंगोले ने बताया की विभाग ने हिदायत दी है कि लंपी वायरस लक्षण वाले पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखा जाए। संक्रमित पशुओं की मौत होने पर उन्हें गड्ढा खोदकर नमक और चूने के साथ शहरी आबादी से दूर दफनाया जाए। पशुपालन के स्थान को साफ रखें और नीम के पत्तों से धुआ कर पशुओं को मच्छर मक्खी से बचा कर रखें। पशुपालन विभाग राजस्थान के संक्रमित इलाके से पशुओं के क्रय विक्रय न करने की भी सलाह दी है।
लंपी संक्रमण की रोकथाम के लिए गाइडलाइन भी जारी की है
लंपी वायरस के संक्रमण को बढ़ता देख डीएम मंदसौर गौतम सिंह ने जिले में धारा 144 लगाते हुए पशु हाट बजारों पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगाने समेत लंपी संक्रमण की रोकथाम के लिए गाइडलाइन भी जारी की है, जिसके उलंघन पर धारा 188 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में सिर्फ 18 डॉक्टर और 44 सहायक ही तैनात है
पशुपालन विभाग का दावा है कि पूरे जिले में सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, लेकिन पशुपालन विभाग के पास इस वक्त स्टाफ की कमी महसूस हो रही है। जिले में सिर्फ 18 डॉक्टर और 44 सहायक ही तैनात है। ऐसे में इस मॉनिटरिंग के लिए स्वयंसेवकों निजी पशु चिकित्सकों और अन्य लोगों की भी मदद ली जा रही है।
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