दमोह जिले की जबेरा विधानसभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) भाजपा और कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकती है। भाजपा से बगावत करने वाले पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विनोद राय को गोंगपा ने प्रत्याशी बनाया है। यहां करीब तीस हजार आदिवासी वोटर हैं, जो राय को समर्थन दे रहे हैं। इसी वोट पर भाजपा और कांग्रेस की नजर है।
1957 के विधानसभा चुनाव में अस्तित्व में आए जबेरा का यह 17वां चुनाव है। इससे पहले इस सीट का नाम नोहटा विधानसभा क्षेत्र था। वर्ष 2008 के चुनावों से पहले परिसीमन में नोहटा विधानसभा का नाम बदलकर जबेरा हो गया। इसमें दमोह विधानसभा के बनवार, घटेरा ,रोड क्षेत्र के अनेक ग्राम शामिल हुए थे। हथनी, अभाना, लखनपुर, सोमखेड़ा, कांकर, इमलिया, मनका, लकलका, टोरी आदि क्षेत्र के गांव दमोह विधानसभा में शामिल हुए थे। जबेरा सीट पर लोधी, आदिवासी समाज का वर्चस्व है। वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस के प्रतापसिंह लोधी ने भाजपा के दशरथ सिंह लोधी को 11 हजार 896 मतों से पराजित किया था। 2018 के चुनाव में 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह लोधी को 45 हजार 416 मत प्राप्त हुए थे। भाजपा प्रत्याशी विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी को 48 हजार 901 मत प्राप्त मिले थे। उन्होंने 3485 मतों से प्रताप सिंह को पराजित किया था। इस चुनाव में कांग्रेस के बागी पूर्व मंत्री रत्नेश सालोमन के पुत्र आदित्य सालोमन और भाजपा के बागी जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह ऋषि ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। राघवेंद्र सिंह ऋषि तीसरे स्थान पर रहे थे।
दमोह जिले की जबेरा विधानसभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) भाजपा और कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकती है। भाजपा से बगावत करने वाले पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विनोद राय को गोंगपा ने प्रत्याशी बनाया है। यहां करीब तीस हजार आदिवासी वोटर हैं, जो राय को समर्थन दे रहे हैं। इसी वोट पर भाजपा और कांग्रेस की नजर है।
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