कलेक्टर साहब आप नशा मुक्ति अभियान पर मीटिंग आयोजित कर रहे हैं। मैं इसी जगह 15 मिनट में ड्रग्स बुलवा सकता हूं। इंदौर की गली गली में नशा बिक रहा है। आठ हजार से अधिक लोग नशे के एडिक्ट हैं और यह ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। यह बात कलेक्टर कार्यालय में आयोजित नशा मुक्ति अभियान की बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता डाक्टर इशाक खान ने कही। शहर के अन्य नागरिकों ने भी अधिकारियों को बताया कि ड्रग्स खरीदना बहुत सामान्य बात है। इंदौर में कहीं भी यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
सरकार ही करवा रही नशे की शुरुआत
शहर की प्रमुख सामाजिक संस्थाओं ने सरकार और प्रशासन में हो रही लापरवाही पर भी सच दिखाया। कलेक्टर आशीष सिंह की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में तमाम अधिकारियों ने माना कि कहीं चूक हो रही है और हम सभी को मिलकर इस पर काम करना होगा। शहरवासियों ने यह भी कहा कि सरकार गली गली में शराब की दुकान खोल रही है। बच्चा सबसे पहले सिगरेट और फिर शराब का सेवन करता है। जब वह नशे का आदी हो जाता है और उसके पास पैसे नहीं बचते तो वह सस्ते नशे की तरफ जाता है। सरकार को नशे से गर्त में समा रही युवा पीढ़ी के भविष्य के बारे में भी सोचना चाहिए।
इंदौर में चलेगा नशा मुक्ति का विशेष अभियान
बैठक में यह भी तय हुआ कि इंदौर जिले में नागरिकों विशेषकर युवाओं को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए नशा मुक्ति का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जन जागृति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नशे से मुक्ति दिलाने के लिए अन्य विशेष प्रयास भी अभियान के तहत किए जाएंगे। यह अभियान जिला प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।
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