कांग्रेस के कद्दावर नेता और पिछोर से मौजूदा विधायक केपी सिंह की सीट पार्टी ने इस बार बदल दी है। इस बार केपी सिंह को शिवपुरी से टिकट दिया गया है। पिछोर सीट से 6 बार के विधायक का विधानसभा क्षेत्र बदलना कांग्रेस का बड़ा प्लान माना जा रहा है। क्योंकि हाल ही में ये अटकलें तेज हो गईं कि शिवपुरी सीट से बीजेपी ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान में उतार सकती है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुकाबला कराने के लिए पड़ी केपी सिंह की जरूरत
ज्योतिरादित्य सिंधिया के शिवपुरी से चुनाव लड़ने के कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि यहां से उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया विधायक हैं और वो इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर चुकी हैं। ऐसे में सिंधिया परिवार से ही किसी को टिकट दिए जाने की संभावना जताते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। वहीं, बीजेपी इस बार एमपी और राजस्थान में कई सांसदों को विधायकी का टिकट दे चुकी है। ऐसे में कांग्रेस का मानना है कि अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी से लड़ते हैं तो उन्हें हराने के लिए एक बड़े नेता की जरूरत होगी। इसलिए केपी सिंह को यहां से टिकट दिया गया।केपी सिंह को पिछोर से हटाने की एक और वजह
इसके अलावा, एक कारण यह भी माना माना जा रहा है कि पिछोर सीट से 30 साल से विधायक रहे केपी सिंह की मुश्किलें बीजेपी ने बढ़ा दी थीं। बीजेपी ने काफी पहले ही पिछोर से प्रीतम लोधी के नाम का एलान कर दिया था। प्रीतम लोधी ने पिछले दो चुनाव लड़े और काफी कम अंतर से कांग्रेस से हारे। वहीं, पिछोर सीट लोधी बाहुल्य भी है, जहां करीब 40 हजार लोधी वोटर हैं। इस समीकरण पर ध्यान देते हुए बीजेपी ने तीसरी बार भी प्रीतम लोधी पर भरोसा जताया है। इतना ही नहीं, इस बार पिछोर में केपी सिंह के खिलाफ एंटी इन्कम्बेंसी के आसार भी बन रहे हैं। जिस वजह से उनके हारने की आशंका के चलते कांग्रेस ने सीट बदल दी है।Read More: Digvijay Singh के बेटे ने सीएम शिवराज पर कसा तंज, कहा- बीजेपी को उनपर विश्वास नहीं
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