मंत्री रविंद्र चौबे और शिव डहरिया ने बेरोज़गारी दर को लेकर की प्रेस वार्ता। रायपुर में भाजपा के हल्लाबोल आंदोलन को रविंद्र चौबे ने बताया उन्होंने कहा कि, वह लंबे समय से राजनीति कर रहे है बड़ी बड़ी सभाएं हुई है। भाजपा को अपनी वस्तु स्थिति का भाव है। सड़क में कितने लोग आ सकते है। यह उनकी समझदारी है। रविंद्र चौबे भाजयुमो के आंदोलन को निरर्थक बताया ।
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छत्तीसगढ़ में साढ़े 3 साल तक भाजपा और भाजयुमो की संख्या बोलने की भी नहीं थी, 15 साल तक भाजपा ने जो वादा खिलाफी की थी युवाओं को छला था, किसान हताश थे। इसलिए 3 साल वे हल्लाबोल की स्थिति में भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि, प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी आई नितिन नवीन आए फिर भी भाजपा किसी तरह के कोई मूमेंट की स्थिति में नही थी।
प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के मुख्यमंत्री पर की गई बयानबाज़ी को बताया स्तरहीन राजनीति कहा बीजेपी का प्रदर्शन है 3 मुद्दों पर बेरीज़गारी की स्थिति , रोजगार के अवसर, और वादा खिलाफी लेकिन इन्हें इन मुद्दों पर दिल्ली की सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा आखिरकार किसने किया था? 8 साल में केंद्र सरकार ने कितना वादा किया इसका उत्तर देना पड़ेगा।
रविंद्र चौबे कहा कि, केवल 2023 के चुनाव की तैयारी के लिए ये सारे प्रदर्शन किए जा रहे है। कृषि को भारत का सबसे बड़ा रोजगार का माध्यम माना जाता है। भाजपा यह समझ जाएगी तो मालूम होगा भारत मे रोजगार के सबसे ज़्यादा अवसर है। रविंद्र चौबे ने राज्य सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि, आज हमने 110 लाख मीट्रिक टन धान का लक्ष्य तय कर सारे रिकॉर्ड तोड़े है। इस सरकार के बनने के बाद किसानों का मॉगरेशन शहरों से गांव की ओर हुआ है।
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