देश में एक तरफ लोकसभा चुनाव चल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मतदान अनिवार्य करने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि प्रत्येक नागरिक, जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक है, वह मतदान का अधिकारी है। राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय और स्थानीय चुनावों में मतदान अनिवार्य किया जाना चाहिए। हालांकि, दलील सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मतदान अनिवार्य किए जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका निरस्त कर दी। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने इस मामले में अपने आदेश में साफ किया कि मतदान करना है या नहीं? यह नागरिकों की स्वतंत्रता का विषय है।
देश में एक तरफ लोकसभा चुनाव चल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मतदान अनिवार्य करने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई।