नागपंचमी हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार को मनाई जाएगी। इस इस बार तीन वर्ष बाद सावन के सातवें सोमवार पर आज नागपंचमी का योग बना है। नागपंचमी के दिन सांपों की पूजा करने से सर्प दंश का भय नहीं रहता है। साथ ही अकाल मृत्यु का खतरा भी टलता है। इसके अलावा नाग देवता को धन का रक्षक कहा गया है, इनकी पूजा करने से धन दौलत की प्राप्ति होती है। धर्म-शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर शयन करते हैं। भगवान शिव ने तो अपने गले में वासुकीनाग को धारण किया है। यही कारण है कि हमलोग नागपंचमी के दिन नागदेवता को पूजते आए हैं। नागपंचमी पर शिवालयों में विराजे नागदेवताओं की पूजा होगी। साथ ही लोग घरों पर लोहे, चांदी, पीतल, तांबे के बने नाग-नागिन को खरीदकर उन पर दूध अर्पित करेंगे।
धूमधाम से मनाया जाता है नाग पंचमी का त्यौहार
उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुल गए हैं। भारी संख्या में 11वीं सदी की प्रतिमा का पूजन करने पहुंचेंगे श्रद्धालु। ऐसे में यहां रिकॉर्ड 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है नाग पंचमी का त्यौहार।लाखों लोग पहुंचते
उज्जैन महाकाल मंदिर परिसर में स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट ठीक 12 बजते ही खोल दिए गए। साल में एक दिन के लिए खुलने वाले इस मंदिर के दर्शन के लिए लाखों लोग पहुंचते हैं। सोमवार का दिन होने से भक्तों की संख्या बढ़ेगी। रात 12.40 बजे आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा जो सोमवार रात 12 बजे तक चलेगा। रात से ही हजारों भक्त दर्शन की कतार में लग गए । प्रशासन का दावा है कि बेहतर इंतजाम व निरंतर चलायमान व्यवस्था से भक्तों को कतार में लगने के बाद एक घंटे में नागचंद्रेश्वर के दर्शन कराए जाएंगे।Read More: नागपंचमी आज, मंदिरों, घरों में होगा नाग देवता का पूजन
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