चंबल नदी एक बार फिर से अपने विकराल रुप में हैं। चंबल का ये रुप गांधी सागर बांध से 12500 क्यूमैक्स पानी छोड़े जाने के चलते बना है। उदी घाट पर चंबल नदी के खतरे का निशान 11 मीटर है, लेकिन वर्तमान स्थिति में चंबल नदी 5 मीटर ऊपर 124 मीटर पर बह रही है। देर शाम तक 9 मीटर ऊपर होकर 128 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। जिसके चलते 25 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट सकता है।
NDRF और SDRF होमगार्ड की टीमें और वोट इन इलाकों में तैनात कर दी गई है
वहीं भिंड कलेक्टर सतीश कुमार एस. के मुताबिक भिंड जिला प्रशासन ने NDRF और SDRF होमगार्ड की टीमें और वोट इन इलाकों में तैनात कर दी गई है। जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुके गांवों में राहत साम्रगी पहुंचाने के लिए सेना की हेलीकॉप्टर से लोड कर जिला मुख्यालय के एसएफ ग्राउंड से रवाना किया गया है। हालांकि देर शाम तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी बाढ़ पीड़ित अटेर इलाके का हवाई दौरा करने वाले हैं।
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सिंध नदी किनारे बस दो दर्जन गावों में अलर्ट जारी किया गया
दूसरी ओर सिंध नदी भी मड़ीखेड़ा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद उफान पर हैं। जिसमें सिंध नदी किनारे बस दो दर्जन गावों में अलर्ट जारी किया गया है। उनमें मणियन, जख्मोली, खेरा, श्यामपुरा, काकाहारा, तेहनगुर, सांधुरी, वछरौली, बछरेटा, भरौली जैसे कई गांव बाढ़ प्रभावित हो सकते हैं। जिसके चलते होमगार्ड की एक टीम यहां भी तैनात की गई हैं।
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