महिदपुर विधानसभा सीट से भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे प्रताप सिंह आर्य पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ रहे दिनेश जैन बोस का पार्टी का ही एक धड़ा अंदरूनी विरोध कर रहा है। दरअसल दिनेश जैन 2018 के चुनाव में बागी होकर चुनाव लड़े थे। ऐसे में कांग्रेस के एक धड़े के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता नाखुश बताए जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि महिदपुर सीट पर पिछले दो चुनावों में भाजपा प्रत्याशी चुनाव जीतते आए हैं। कई जगह विरोध के बावजूद इस बार फिर मौजूदा विधायक बहादुर सिंह को टिकट दिया गया। इसका विरोध करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह आर्य ने निर्दलीय लड़ने का फैसला कर लिया। सूत्रों के अनुसार भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने आर्य को मनाने की कोशिश की, मगर सफलता नहीं मिली। अब प्रचार-प्रसार के दौरान भाजपा को अपनी कमजोरी दिखाई दे रही है।
महिदपुर विधानसभा सीट से भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे प्रताप सिंह आर्य पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ रहे दिनेश जैन बोस का पार्टी का ही एक धड़ा अंदरूनी विरोध कर रहा है। दरअसल दिनेश जैन 2018 के चुनाव में बागी होकर चुनाव लड़े थे। ऐसे में कांग्रेस के एक धड़े के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता नाखुश बताए जाते हैं।
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