भोपाल: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव (MP Election 2023) से पहले सोमवार से लेकर बुधवार शाम के बीच शराब की बिक्री में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। एक उत्पाद शुल्क अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि कदाचार रोकने के लिए शराब की बिक्री बंद होने से पहले प्रदेश में काफी शराब बेची गई। अधिकारी ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि13 नवंबर को देशी और भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) सहित सभी प्रकार की 8,67,282 लीटर शराब बेची गई। अगले दो दिनों में प्रदेश में 9,17,823 और 8,81,550 लीटर शराब बेची गई है।
क्या रहा पिछले साल का हाल?
उन्होंने कहा कि पिछले साल शराब (MP Election 2023) की बिक्री 13 नवंबर को 7,42,092 लीटर, 14 नवंबर को 7,71,331 लीटर और 15 नवंबर को 7,67,273 लीटर थी। शराब की बिक्री में बढ़ोतरी को कमतर आंकने की कोशिश करते हुए अधिकारी ने कहा कि हर साल इसमें करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश में शराब की दुकानों की नीलामी 11,700 करोड़ रुपये में की गई थी, जो चालू वित्त वर्ष में 12,800 रुपये में की गई, क्योंकि उन्हें मांग में 10 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने कहा, चूंकि दिवाली 12 नवंबर को थी, इसलिए त्योहारी सीजन के कारण शराब की बिक्री बढ़ गई।
15 नवंबर से बंद कर दी गई शराब की दूकानें
उन्होंने कहा, "चुनावों के मद्देनजर हमने पिछले तीन महीनों से शराब की बिक्री पर नजर रखी। उत्पाद शुल्क अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, "अगर किसी दुकान से शराब की बिक्री 30 प्रतिशत बढ़ जाती है तो हम कठोर कदम उठाते हैं।" स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरे प्रदेश में 15 नवंबर शाम 6 बजे अधिकारियों द्वारा 48 घंटे के लिए शराब की दुकानें सील कर दी गई थीं, जो शुक्रवार शाम को राज्य की 230 विधानसभा सीटों के लिए मतदान समाप्त होने के बाद फिर से खुलेंगी।
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