चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को छोला श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण में “श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर” का शिलान्यास किया। विश्वास सारंग ने कहा कि महाकाल कॉरिडोर की तरह नरेला विधानसभा के छोला क्षेत्र में “श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर” बनाया जा रहा है। करीब 100 करोड़ की लागत से पूरे क्षेत्र का विकास किया जायेगा।
यह राजधानी का सबसे प्राचीनतम मंदिर
पहले चरण में 20 करोड़ की लागत से श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर बनाया जाएगा। 21 एकड़ में मंदिर समेत कॉरिडोर विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह राजधानी का सबसे प्राचीनतम मंदिर है। इसका जीर्णोद्धार नए सिरे से किया जाएगा। खेड़ापति मंदिर को राजधानी का सबसे भव्य मंदिर के रूप में विस्तार किया जाएगा। मंदिर परिसर के समीप मार्केट भी सुव्यवस्थित किया जाएगा। श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर के शिलान्यास के अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर के महंत श्री जगदीश दास जी, गुफा मंदिर महंत श्री राम प्रवेश दास जी महाराज, वृंदावन से आचार्य देवमुरारी बापू, वाटिका धाम महंत श्री हरिराम दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
मंदिर और मैदान एक हो जायेंगे
मंत्री सारंग ने कहा कि मंदिर को महाकाल लोक की तर्ज पर बनाया जाएगा। मंदिर भी भव्य बनेगा। उसके कॉरिडोर को सुदंर और आकर्षक बनाया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि वर्तमान में छोला दशहरा मैदान व मंदिर परिसर के बीच सड़क गुजरती है। नए डिजाइन में मंदिर और मैदान एक हो जायेंगे। मंदिर के सामने की सड़क को दशहरा मैदान के पीछे से घूमाकर डायवर्ट किया जाएगा।
दशहरा मैदान को पवेलियन के रूप में डेवलप किया जाएगा
उन्होंने बताया कि दशहरा मैदान को पवेलियन के रूप में डेवलप किया जाएगा। नीचे मार्केट होगा। ऊपर लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। छोला दशहरा मैदान में बड़े आयोजनों में आने वाले लोगों को सड़क पर न खड़ा होना पड़े। इसके लिए बैठक व्यवस्था बनाई जाएगी। सड़क को दशहरा मैदान के पीछे की तरफ से घूमाकर निकाला जाएगा। इससे आने जाने वाले वाहनों को न तो जाम लगेगा और न ही आने जाने में दिक्कत होगी।
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