मध्यप्रदेश के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पूरे प्रदेश में लाड़ली बहना को तीन हजार रुपये देने पोस्टर लगा दिए, लेकिन भाजपा के घोषणा पत्र से उस घोषणा का गायब कर दिया। 18 साल तक लाड़ली बहनों की याद क्यों नहीं आई।
जब कमलनाथ ने महिला वर्ग को 1500 रुपये देने की घोषणा और कर्नाटक ने सवा करोड़ महिलाएं 1500 रुपये प्रतिमाह पाने लगी तो शिवराज ने 15 हजार करोड़ का कर्ज उठाकर प्रदेश में नकल करते हुए योजना शुरू कर दी, लेकिन घोषणा पत्र में साफ हो गया कि यह घोषणा सिर्फ जुमला साबित हो गई। भाजपा के पास न नेता है, न नीति है और न नीयत है।
आदिवासी जिलों में गरीबी और बेरोजगारी
सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी जिले झाबुआ, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट के साठ प्रतिशत लोग बेरोजगार है। दुनिया में सबसे गरीब जिला आलीराजपुर है। 71प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे है,लेकिन भाजपा सरकार प्रदेश में गरीब कम होने की बात करती है। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा अब रिटायर्ड पार्टी है। प्रदेश में भाजपा के पास नेतृत्व ही नहीं बचा है। केंद्र के नेता प्रदेश के नेताओं को नकार चुके है। यह मध्य प्रदेश का अपमान है। दो करोड़ रोजगार, किसान की आय दोगुनी जैसी गारंटी की एक्सायरी डेट समाप्त हो चुकी है।Read More: मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की तैयारी, चुनाव आयोग से मांगी अनुमति
Comments (0)