मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को वोटिंग होनी है। जबकि 15 तारीख से यहां चुनाव का प्रचार-प्रसार बंद हो जाएगा। कल बुधवार (15 नवंबर) की शाम छह बजे के बाद प्रत्याशी यहां प्रचार नहीं कर सकेंगे। साथ ही सोशल मीडिया पर भी प्रचार-प्रसार प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई प्रत्याशी शाम छह बजे के बाद सोशल मीडिया पर प्रचार करता है, तो उसके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज होगा। चुनाव आयोग की विशेष टीम सोशल मीडिया की निगरानी करेगी।
कल से थम जायेगा चुनाव प्रचार का शोर
विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्याशियों के पास मंगलवार का पूरा दिन, जबकि कल बुधवार की शाम छह बजे तक का समय ही शेष बचा है। बुधवार शाम छह बजे के बाद प्रदेश में चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी जनसंपर्क को छोड़ चुनाव प्रचार के लिए किसी दूसरे माध्यम का सहारा नहीं ले पाएंगे। अगर सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्याशियों ने किसी तरह की पोस्ट, वीडियो या किसी तरह का संदेश अपलोड किया या उसे फॉरवर्ड किया तो उसका पता जिला स्तरीय मीडया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) लगाएगी।भोपाल के लिए बनाई 24 टीमें
इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जाएगी। बुधवार की शाम छह बजे के बाद यदि किसी प्रत्याशी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया तो उसके खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही इसका खर्च प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। प्रदेश की राजधानी भोपाल में न्यूज चैनलों और समाचार पत्रों पर नजर रखने के लिए 24 टीमें लगाई हैं।Read More: अब जबलपुर पहुंचेंगे केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, इन तीन कठिन सीटों पर करेंगे चुनाव प्रचार
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