मध्य प्रदेश में सत्ता का रास्ता आदिवासी मतदाताओं के बीच से होकर गुजरता है। इस बार के चुनाव में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में हुई जबरदस्त वोटिंग ने सियासतदारों की नींद उड़ा दी है। वहीं इस बार आदिवासियों का मतदान भी साइलेंट रहा। दरअसल बीते चुनावी आंकड़ों के अनुसार, इस बार 15 फीसदी अधिक मतदान आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में हुआ। बीते विधानसभा चुनावों की बात की जाए तो 47 सीटों में 16 पर बीजेपी, 30 पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी।
मध्य प्रदेश में सत्ता का रास्ता आदिवासी मतदाताओं के बीच से होकर गुजरता है। इस बार के चुनाव में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में हुई जबरदस्त वोटिंग ने सियासतदारों की नींद उड़ा दी है।