रीवा में 160 फीट गहरे बोरवेल में फंसे मयंक को बचाया नहीं जा सका। करीब 44 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वह बोरवेल के भीतर 42 फीट की गहराई पर मिट्टी-पत्थरों के बीच दबा मिला। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। मेडिकल टीम उसे लेकर अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला पंचायत सीईओ सौरभ सोनवडे ने भी मयंक की मौत की पुष्टि की है। वहीं इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम के निर्देश पर तत्योंथर जनपद सीईओ , पीएचई ,एसडीओ को निलंबित किया गया।
रीवा में 160 फीट गहरे बोरवेल में फंसे मयंक को बचाया नहीं जा सका। करीब 44 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वह बोरवेल के भीतर 42 फीट की गहराई पर मिट्टी-पत्थरों के बीच दबा मिला।
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