राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का ने कहा कि, 52 जिले में की यात्रा। हर जिले में किसानों के हालात है खराब। राजनेताओं के पास है नकली खाद बनाने के फैक्टरी। कीटनाशक दवाओं के चलते हो रहा किसानों का नुकसान। नकली खाद के कारण 11हजार किसानों ने की आत्महत्या। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा था कि किसान संगठन कुकुरमुत्ते है। अब यही संगठन इन्हें चुनाव में जबाब देगा।
पहले खाद, टैक्टर, पानी तमाम चीजों पर टैक्स नही लगा
2008 में कर्ज माफ करने की बात कही थी, पर आज तक माफ नही हुआ कर्जा। मध्यप्रदेश के मंडी में मची हुई है लूट। मध्यप्रदेश में कुएं के पानी पर भी टैक्स लगा दिया गया है। पहले कभी खाद, टैक्टर, पानी तमाम चीजों पर टैक्स नही लगा। मौजूदा सरकार ने सभी चीजों पर लगा दिया टैक्स। वोट किसे देना यह हमारा विषय नही। जो सरकार किसानों का साथ देगी हम उसका समर्थन करेंगे।
कमलनाथ सरकार गिरने के बाद नही आया पैसा
मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार में किसानों के लिए की गई थी घोषणा। 14हजार600 करोड़ की पहली किश्त किसानों को मिली। दूसरी किश्त में छिंदवाड़ा के किसानों का नाम आया। उसके बाद कमलनाथ सरकार गिरने के बाद नही आया पैसा। वर्तमान सरकार किसान, मजदूर विरोधी है। 44 वा कानून जो पास हुआ है उसमें 12 घंटे मजदूर को करना होगा काम। सरकार ने 22 पूँजी पतियों का कर्जा माज किया है लेकिन किसानों का 4लाख हजार करोड़ कर्जा माफ नही किया। 110 करोड़ लोगों को कृषि के कारण मिलता है रोजगार। किसानों की जमीन पर है सरकार की निगाह। दुनिया के 16 देशों ने मुफ्त व्यापार समझौता किया। यदि बाहर से अनाज आएगा तो किसान क्या करेगा।
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