एमपी के झाबुआ जिले के एसपी अरविंद तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार सुबह सीएस और डीजीपी की बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज ने झाबुआ एसपी अरविंद तिवारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि डीजीपी झाबुआ एसपी को हटाओ। सीएम के निर्देश के एक घंटे के अंदर एसपी अरविंद तिवारी को निलंबित कर दिया गया। तिवारी को भोपाल मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम ने कहा कि जिस तरह से झाबुआ एसपी बच्चों से बात कर रहे हैं वो बहुत अशोभनीय हैं।
मामला बच्चों के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने का
दरअसल ये मामला बच्चों के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने का है। झाबुआ के पीजी कॉलेज में अतिक्रमण को लेकर 2 गुटों में विवाद हो गया था। कॉलेज छात्रों और ग्रामीणों में ये विवाद हुआ था। करीब 150 छात्र इस विवाद को लेकर थाने गए थे। इर दौरान छात्रों ने अतिक्रमणकारियों पर FIR की मांग की । बावजूद इसके पुलिसकर्मियों ने छात्रों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ FIR नहीं लिखी थी।
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एसपी छात्रों की बात को सुनकर बतमीजी से बात करने लगे
थाने से कार्रवाई नहीं होने के बाद छात्रों ने झाबुआ एसपी अरविंद तिवारी से फोन पर बात की। एसपी छात्रों की बात को सुनकर बतमीजी से बात करने लगे। एसपी ने बात को दौरान अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया था। छात्रों के साथ बात करने का ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद सीएम ने बैठक लेकर डीजीपी से पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए हटाने का निर्देश दिया। सीएम के निर्देश के बाद एसपी अरविंद तिवारी को तत्काल रूप से हटा दिया गया।
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