तीन दिन पहले तेज हवा आंधी के चलते उज्जैन स्थित महाकाल लोक में सात सप्तऋषियों की मूर्तियों में से छह गिर गई थी। इस मामले में कांग्रेस ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इसे लेकर राजधानी भोपाल में शिवराज सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दो टूक कह दिया है कि महाकाल लोक में भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। तेज हवा आंधी की वजह से मूर्तियां गिरी थीं। कांग्रेस गंदी राजनीति कर रही है.
टेंडर प्रक्रिया भी हमारी
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने राजधानी भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक बनाने का निर्णय साल 2017 में शिवराज सरकार के समय लिया गया था। महाकाल लोक निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी हमारी सरकार में हुई थी, लेकिन बाद में कांग्रेस की सरकार आ गई थी। कांग्रेस सरकार में वर्क ऑर्डर और सवा साल का काम कांग्रेस की सरकार के दौरान हुआ था, तब कांग्रेस की ही सरकार थी और नगरीय प्रशासन मंत्री भी कांग्रेस के ही थे। कांग्रेस सरकार हटने के बाद हमारी सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया था।
दिग्विजय सिंह के आरोपों का दिया जवाब
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दिग्विजय सिंह के महाकाल लोक पर लगाये आरोपों पर कहा कि, कांग्रेस ने तो उज्जैन में कुछ किया नहीं। सिंहस्थ के लिए सरकार ने 5000 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य किये थे। सिंहस्थ के दौरान सरकार के द्वारा की गई व्यवस्थाओं की तारीफ जनता ने भी की और साधु संतों ने भी की थी। दिग्विजय सिंह बताए उन्होंने उज्जैन के लिए क्या किया, दिग्विजय सिंह धर्म के नाम पर राजनीति करते है। ये लोग हिन्दू धर्म का अपमान करने का काम रहे हैं।
सज्जन सिंह वर्मा के आरोपों पर बोले
वहीं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के आरोपों पर कहा कि, कांग्रेस ने एक नया पैसा नहीं दिया था। जब इनकी सरकार थी तब इन्होंने हमारे महाकाल लोक के प्रस्ताव की तारीफ की थी। अगर कांग्रेस के पास फैक्ट है, तो ये एफिडेविट के साथ थे, सरकार जांच कराने के लिए तैयार है। अगर मूर्ति निर्माण में कमियां थी तो कांग्रेस ने टेक्निकल अनुमति क्यों दी। सिपेट ने निर्माण सामग्री की जांच कर ली है, उसे कोई खामियां नहीं मिली। महाकाल लोक में सप्तऋषियों की नई मूर्तियां ही लगाई जायेगी, खंडित मूर्तियां नहीं लगाई जायेगी।
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