पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने शहपुरा विधानसभा से टिकट मिलने के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे डिंडौरी विधानसभा से चुनाव की तैयारी विगत 1 वर्ष से कर रहे थे। एक बार वे संगठन से निवेदन करेंगे कि डिंडौरी विधानसभा से टिकट उन्हें मिले, लेकिन पार्टी का जो निर्णय होगा वह शिरोधार्य है।
पुनः टिकट देकर भरोसा जताया है, यह उनके लिए अहम बात
मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि डिंडौरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का 15 वर्ष से लगातार विधायक है। उनकी मंशा है कि उनसे इस बार दो दो हाथ चुनाव मैदान में हो जाए। गौरतलब है कि ओमप्रकाश धुर्वे 2018 का विधानसभा चुनाव शहपुरा विधानसभा क्षेत्र से लगभग 33 हजार मतों से पराजित हो चुके हैं। इस बार भाजपा की पहली सूची में उन्हें शहपुरा विधानसभा क्षेत्र से ही फिर उम्मीदवार बनाया है।उन्होंने कहा कि एक बार निवेदन करूंगा, लेकिन पार्टी ने उन्हें जो पुनः टिकट देकर भरोसा जताया है। यह उनके लिए अहम बात है।
दोनों उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने की लंबे समय से तैयारी कर रहे थे
इस मामले में जब कांग्रेस के डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह धुर्वे जी का अहम बोल रहा है। उन्हें जनता से आशीर्वाद की बात कहना चाहिए न की दो दो-चार चार हाथ करने की। आरोप प्रत्यारोप के बीच ओमप्रकाश धुर्वे को टिकट शहपुरा विधानसभा से मिलने के बाद से ही दो भाजपा के बड़े नेताओं का फोन गुरुवार की शाम से ही बंद हो गए हैं। बताया गया कि उन्होंने संगठन से नाराजगी व्यक्त की है। यहां से दोनों उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने की लंबे समय से तैयारी कर रहे थे।
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