नर्मदापुरम, एमपी में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से 50 बायसन को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया जा रहा है। यह काम 24 फरवरी तक होगा। यह मध्य प्रदेश वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून का संयुक्त प्रयास है। इस परियोजना का लक्ष्य बायसन की आबादी कोबांधवगढ़ में फिर से स्थापित करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। इस विशाल अभियान में लगभग वन अधिकारी-कर्मचारी, पशु चिकित्सक और हाथी शामिल हैं।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जाते वक्त बहुत सावधानी से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में बायसन को पकड़ना, उनका स्वास्थ्य परीक्षण करना और उन्हें सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ पहुंचाना शामिल है। मध्य प्रदेश वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून मिलकर यह काम कर रहे हैं। यह परियोजना बायसन की आबादी को बांधवगढ़ में फिर से बसाने के लिए है।
250 कर्मचारी और एक दर्जन से ज्यादा पशु डॉक्टर शामिल
इस अभियान में लगभग 250 वन अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही 15 पशु चिकित्सक भी इस टीम का हिस्सा हैं। इसके अलावा 6 हाथियों की भी मदद ली जा रही है। ये विशेषज्ञ सतपुड़ा, बांधवगढ़, कान्हा, पेंच टाइगर रिजर्व और वन विहार भोपाल से हैं। इसके अलावा सतपुड़ा के चार और बांधवगढ़ के दो हाथी भी इस काम में मदद करेंगे। हाथी बायसन को पकड़ने और उन्हें ट्रकों तक ले जाने में मदद करेंगे।
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