मंदसौर में जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अहम कदम उठाया है। मंदसौर में अब होटलों, लॉज, होम स्टे और धर्मशाला में ठहरने वाल लोगों पर सख्ती बढ़ेगी। आदेश है कि होटलों और लॉज में लगे CCTV में आने-जाने वाले लोगों का फेस साफ दिखाई देना चाहिए। साथ ही अब किराएदार की जानकारी पुलिस थाने में जरुरी होगी। कलेक्टर ने होटल संचालकों के लिए नए आदेश जारी किए है।
कलेक्टर अदिति गर्ग के आदेश के अनुसार मंदसौर जिले में कोई भी गेस्ट बिना पहचान और रिकॉर्ड के नहीं ठहर सकेगा। सराय अधिनियम 1867 के तहत यह आदेश पूरे जिले में प्रभावी रहेगा, जिसमें पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र भी शामिल है। साथ नियमों का पालन करना होगा।
CCTV अनिवार्य, चेहरा दिखना जरूरी
सभी होटल, लॉज, आश्रम, रिसॉर्ट, छात्रावास और किराये की संपत्तियों में CCTV कैमरे इस तरह से लगाने होंगे कि आने-जाने गेस्ट का चेहरा स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो सके। साथ ही DVR रिकॉर्डिंग का बैकअप कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। यह आदेश होटल, लॉज, आश्रम, सर्किट हाउस, छात्रावास, बोर्डिंग हाउस, रिसॉर्ट और किराये की संपत्तियों पर भी समान रूप से लागू होगा। पुलिस समय-समय पर जांच भी करेगी।
हर प्रतिष्ठान में मुख्य काउंटर पर प्रबंधक का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। आधार कार्ड या आईडी की जानकारी भी हो। आगंतुकों का पूरा विवरण- जैसे नाम, पता, आईडी प्रूफ (आधार/अन्य) — रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
थाने को सूचित करना अब अनिवार्य
जो गेस्ट दो सप्ताह से अधिक समय तक ठहरते हैं, उनकी जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा। होम स्टे और पेइंग गेस्ट सिस्टम में भी किसी को रुकवाने से पहले पुलिस को जानकारी देना जरूरी कर दिया गया है।
पुलिस करेगी समय-समय पर सत्यापन
पुलिस विभाग समय-समय पर सभी होटलों और लॉज का औचक निरीक्षण करेगा और नियमों के पालन की जांच करेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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