एक बार फिर से अब रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी क्योंकि रायपुर रेल मंडल से होकर गुजरने वाली 18 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। आज से 3 अक्टूबर तक की सभी ट्रेनें कैंसिल कर दी गई है। जबलपुर मंडल में नॉन इंटरलॉकिंग का काम होने से कोई 38 ट्रेनें रद्द की गई है। .ट्रेनों के रद्द होने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान भी सामने आया।
ट्रेनें बंद होना गरीब और मध्यम श्रेणी के लोगों के लिए परेशानी है
ट्रेनों के रद्द होने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, केंद्र सरकार को इससे कोई लेना-देना ही नहीं है की आम जनता को ट्रेनों के रद्द होने से कितनी और क्या परेशानी हो रही है। जब से रेल यात्रा शुरू हुई है तब से सरकार ने कभी रेल बंद नहीं किया, लेकिन महीनों तक सैकड़ों ट्रेनें बंद होना गरीब और मध्यम श्रेणी के लोगों के लिए परेशानी है। वो इसी से यात्रा करते हैं लेकिन इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि इस सरकार का एजेंडा सेवा नहीं केवल पैसा कमाना है। चाहे वह तेल बेचकर हो या पेट्रोल डीजल के रेट में बढ़ोतरी करके।
कोयला ढुलाई की वजह से ट्रेनों को प्रभावित किया जा रहा है
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कोयला ढुलाई की वजह से ट्रेनों को प्रभावित किया जा रहा है। क्योंकि केंद्र को इससे पैसे मिलेंगे, लेकिन इससे जनता को क्या नुकसान हो रहा है इसकी कोई चिंता नहीं है। हिंदुस्तान को जोड़ने वाली सबसे बड़ी व्यवस्था ट्रेनें ही है। अब इसे भी देर सवेर बेचने की तैयारी की जा रही है। कोयले के आयात को लेकर भी केंद्र पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई आरोप लगाए कहां, कोयले का आयात बढ़ने की वजह से बिजली के दाम भी महंगे हो रहे हैं।
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