एमपी में नकल माफिया के बुरे दिन आने वाले हैं। मध्य प्रदेश सरकार नकल, सामूहिक नकल और पेपर लीक जैसे मामलों में सजा बढ़ाने जा रही है। ऐसे मामलों में अब 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके लिए मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम में संशोधन होने जा रहा है।
अभी तक नकल करने पर तीन साल की जेल और पांच हजार रुपए तक का जुर्माना लगता था। अब सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है। पेपर लीक, सामूहिक नकल और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने जैसे अपराधों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सजा बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही एक कानून में बदलाव करने वाली है। यह कानून नकल माफिया के नकेल कसने में कारगर होगा। एमपी में बीते कुछ दिनों से पेपर लीक, सामूहिक नकल और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने जैसे कई मामले सामने आए हैं। सरकार इस पर अब सख्ती से रोक लगाना चाहती है।
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