मध्यप्रदेश में एक जिला, एक औषधीय उत्पाद के तहत देवास जिले में अश्वगंधा की खेती के लिए बड़े पैमाने पर किसानों को तैयार किया जा रहा है। इस क्रम में आयुष विभाग ने सोनकच्छ में जिले की 56 वन समितियों कोप्रशिक्षित किया। वनक्षेत्र के किसानों और वन समितियों तक अश्वगंधा की अघुनातन और अच्छी बचत देने वाली खेती को सही-सही जानकारी पहुंचाई जाने के उद्देश्य से आयुष विभाग ने संस्था सोलिडरी डाड के साथ वन समितियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया।
आयुष विभाग की महत्वाकांक्षी देवारण्य योजना में औषधीय पादप बोर्ड मंत्रालय भोपाल ने देवास जिले में अश्वगंधा को विशेष औषधीय उत्पाद के लिये चिन्हांकित किया है। इनके व्यापक प्रचार-प्रसार अभिसरण में विभागों की योजनाएं एवं औषधीय पौधों की खेती, संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण तथा विपणन आदि विषयों की जानकारी प्रशिक्षण में दी गयी।
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