मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 230 सीटों पर मतदान हो गया। प्रदेश के 2533 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। इसके बाद अब प्रदेश में जीत और हार को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रत्याशी से लेकर मतदाता सरकार बनाने को लेकर एक-एक सीट का आंकलन कर रहे हैं। भले ही भाजपा और कांग्रेस के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन दोनों में मुकाबला कड़ा दिख रहा है। सत्ता पर काबिज भाजपा बढ़े मतदान से अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा को लाड़ली बहना योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस को भी नारी सम्मान, 500 रुपये में गैस सिलिंडर सहित कई वादों से ज्यादा उम्मीद दिख रही है। इस बार चुनाव में ना तो सत्ता विरोधी, ना ही कोई लहर जैसा कुछ दिखा। इसके बावजूद ज्यादा मतदान के राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने मायने निकाल रहे हैं।
MP/CG
मतदान के बाद भाजपा को लाड़ली बहना तो कांग्रेस को अपनी गारंटी पर भरोसा
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 230 सीटों पर मतदान हो गया। प्रदेश के 2533 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। इसके बाद अब प्रदेश में जीत और हार को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रत्याशी से लेकर मतदाता सरकार बनाने को लेकर एक-एक सीट का आंकलन कर रहे हैं। भले ही भाजपा और कांग्रेस के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन दोनों में मुकाबला कड़ा दिख रहा है। सत्ता पर काबिज भाजपा बढ़े मतदान से अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा को लाड़ली बहना योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस को भी नारी सम्मान, 500 रुपये में गैस सिलिंडर सहित कई वादों से ज्यादा उम्मीद दिख रही है। इस बार चुनाव में ना तो सत्ता विरोधी, ना ही कोई लहर जैसा कुछ दिखा। इसके बावजूद ज्यादा मतदान के राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने मायने निकाल रहे हैं।
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