CG NEWS : रायपुर। राजधानी रायपुर के बहुचर्चित न्यू स्वागत विहार मामले के पीड़ितों को भूपेश सरकार के एक फैसले से बड़ी राहत मिली है। बीते 14 साल से भटक रहे पीड़ितों ने खुशी का इजहार करते हुए इस मामले के निराकरण के लिए सरकार का आभार जताया है।
न्यू स्वागत विहार के भू धारकों को भूपेश सरकार की ओर से तब बहुत बड़ी राहत मिली, जब कैबिनेट में उन मुख्य बिंदुओं पर फैसला लिया गया जो पीड़ितों के हक में न्यायपूर्ण साबित हुआ। करीब 14 सालों से न्यू स्वागत विहार में जमीन खरीद कर रजिस्ट्री कराने के बाद भी पीड़ितों को उनकी जमीन का हक नहीं मिला। पीड़ितों ने अपनी समिति बना कर लंबे समय से संघर्ष किया, पर यह जमीन का घोटाला इतना जटिल था कि सुलझता नजर ही नहीं आ रहा था। हाई कोर्ट में भी लंबे समय तक केस चला, कुछ आदेश भी पारित हुए पर पीड़ितों को जमीन पर कोई राहत नहीं मिली।
नियम कायदों को ताक पर रखकर जमीनों की बिक्री
इसी बीच RDA के तत्कालीन अध्यक्ष सुनील सोनी ने उजागर किया कि संजय बाजपेई ने नियम कायदों को ताक पर रखकर जमीनों की बिक्री की है। उसने खाली बची जमीन, नाले की जमीन, घास जमीन, और यहां तक कि RDA के प्रोजेक्ट कमल विहार के हिस्से की कुछ जमीन पर कब्ज़ा करके उसे भी बेच दिया। उसके इस कार्य में राजस्व, नगर निगम और RDA के अधिकारियों, कर्मियों की मिलीभगत रही है। भ्रष्ट लोगो के सहयोग से ही जमीनों का डायवर्सन कर दिया गया, बैंकों से मिलीभगत करके फाइनेंस भी धड़ाधड़ होते गए। इस मामले की जांच में सारा खुलासा हुआ और तब की भाजपा सरकार ने पूरी जमीन को अवैध घोषित कर दिया। बताया जाट है कि संजय बाजपेई ने तब किसानों की जमीन बेचने के लिए उनसे एग्रीमेंट किया और उन्हें पूरे पैसे भी नहीं दिए।पीड़ितों ने भूपेश सरकार से लगाई गुहार
अखिरकार पीड़ितों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से न्याय की गुहार लगायी, जिस पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए संबंधित मंत्री एवं अधिकारियों को इस केस को किसी भी प्रकार से सुलझाने का निर्देश दिया। आवास, विकास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस केस में अपनी विशेष रुचि दिखाते हुए अधिकारियों को मामले की बारीकियों को समझ कर सुलझाने का आदेश दिया। इसके लिए RDA के CEO को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गयाRead More: CG NEWS : आज कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक, चुनाव समिति की बैठक में होंगे प्रत्याशियों के नाम तय
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