मध्य प्रदेश का जल संसाधन में प्रमोशन नहीं होने की वजह से सीनियर अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि यहां रिटायर्ड अधिकारियों को संविदा नियुक्ति पर प्रमुख अभियंता तक बनाना पड़ रहा है। इंजीनियरों की वरिष्ठता की अनदेखी करते हुए संविदा पर प्रमुख अभियंता बनाया गया है। अब यह मामला हाईकोर्ट जबलपुर पहुंच गया है। मामले में जल संसाधन विभाग मुख्य सचिव से जवाब मांगा गया है।
मप्र हाईकोर्ट जबलपुर ने सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री शिरीष मिश्रा को इंजीनियर-इन-चीफ का प्रभार देने पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने मामले में मुख्य सचिव व जल संसाधन विभाग के एडीशनल सेक्रेटरी और शिरीष मिश्रा को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग में इंजीनियरों की वरिष्ठता की अनदेखी करते हुए संविदा पर रिटायर्ड इंजीनियर को प्रमुख अभियंता बनाया गया है। मामले में हाईकोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगाते हुए विभाग के पीएस से जवाब मांगा है।
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