छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में इस बार स्वतंत्रता दिवस बेहद खास होने जा रहा है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर के कोने-कोने में तिरंगा शान से लहराएगा। उन्होंने बताया कि संभाग के 92 दूरस्थ और संवेदनशील गांवों में आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के गांवों में फहरेगा तिरंगा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मुताबिक, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले के ऐसे अंदरूनी गांव, जो लंबे समय तक माओवादी हिंसा और नक्सली दहशत से प्रभावित रहे हैं, वहां पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा। इनमें बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं। इस तरह कुल 92 गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारी है।
नक्सल दहशत के बीच बदलेगा जश्न-ए-आजादी का माहौल
इन गांवों में पहले नक्सली दहशत के कारण राष्ट्रीय पर्व मनाना मुश्किल होता था। अब सुरक्षा और बदलते माहौल के बीच इन क्षेत्रों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में गांवों में तिरंगा फहराकर आजादी का उत्सव मनाया जाएगा।
नारायणपुर से शुरू होगी ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा
विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। यात्रा की शुरुआत बुधवार, 12 अगस्त को नारायणपुर से होगी। यह यात्रा दंतेवाड़ा होते हुए बीजापुर तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, स्कूली बच्चे और आत्मसमर्पित माओवादी भी शामिल होंगे।
14 अगस्त को करेगुड्डा पहाड़ी में होगा समापन
तिरंगा यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर की करेगुड्डा पहाड़ी में किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रध्वज के सम्मान और देशभक्ति के संदेश के साथ बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिलेगी। बस्तर के संवेदनशील इलाकों में तिरंगे का लहराना शांति और बदलाव का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।
हजारों लोग होंगे तिरंगा यात्रा में शामिल
इस ऐतिहासिक अभियान में हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी और आत्मसमर्पित माओवादी हिस्सा ले रहे हैं। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ इलाकों में राष्ट्रीय पर्व की भावना को मजबूत करना और लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना है। पहली बार इन गांवों में तिरंगा फहराए जाने से स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल है।