रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर की आत्मसमर्पित पूर्व महिला नक्सलियों ने रायपुर में रैंप वॉक कर अपनी नई जिंदगी की झलक पेश की। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने कोसा सिल्क और पारंपरिक हथकरघा परिधानों में रैंप पर कदम रखा।
सुकमा की 9 महिलाओं ने लिया हिस्सा
रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित स्वदेशी फैशन शो में सुकमा की 9 आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने पेशेवर मॉडलों के साथ रैंप वॉक किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
हथियार से हुनर तक का सफर
कभी बस्तर के जंगलों में हथियार उठाने वाली इन महिलाओं का रैंप तक पहुंचना उनके जीवन में आए बदलाव की कहानी बताता है। आत्मसमर्पण के बाद अब वे मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रही हैं।
कोसा सिल्क ने दिया खास संदेश
रैंप पर महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क और हथकरघा परिधानों को प्रदर्शित किया। इस पहल के जरिए राज्य की स्थानीय कला, बुनकरों और स्वदेशी वस्त्रों को भी बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इन महिलाओं से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। महिलाओं की यह प्रस्तुति बस्तर में पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और बदलाव की एक अलग तस्वीर के तौर पर सामने आई।