रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल इन दिनों पंजाब दौरे पर हैं। वे पंजाब कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने के लिए 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' अभियान के तहत लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। हालांकि, संगठन को मजबूत करने की यह कवायद अब राजनीतिक विवाद का रूप लेती नजर आ रही है।
पंजाब के कई जिलों में भूपेश बघेल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। कहीं उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे तो कहीं 'भूपेश गो बैक' के पोस्टर लगाए गए। इस घटनाक्रम के बाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है।
कई जिलों में संगठनात्मक बैठकें, लेकिन गुटबाजी भी आई सामने
भूपेश बघेल ने बठिंडा, बरनाला और श्री मुक्तसर साहिब समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें कीं। इसी दौरान पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान भी खुलकर सामने आ गई।
बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के समर्थकों के बीच लंबे समय से चल रही गुटबाजी का असर अब भूपेश बघेल के कार्यक्रमों पर भी दिखाई देने लगा है।
श्री मुक्तसर साहिब में लगे 'भूपेश गो बैक' पोस्टर
श्री मुक्तसर साहिब में भूपेश बघेल के खिलाफ बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों में उन्हें ब्रिटिश शासनकाल के साइमन कमीशन की तर्ज पर दर्शाया गया। वहीं कई स्थानों पर उनके खिलाफ नारेबाजी भी हुई। इन घटनाओं ने पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है।
भाजपा का हमला, अरुण साव ने साधा निशाना
पंजाब की इस राजनीतिक हलचल पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन के वीडियो और पोस्टरों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह को रोकने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच चल रहा विवाद पूरे देश के सामने है।
कांग्रेस का पलटवार, भाजपा को दी नसीहत
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने भी तीखा जवाब दिया। कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस पर टिप्पणी करने से पहले अपने संगठन की स्थिति देखनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा को मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में अंतर्कलह की वजह से हार का सामना करना पड़ा। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा में भी नेताओं के बीच मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं, इसलिए भाजपा को पहले अपना गिरेबान झांकना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में भी बना सियासी मुद्दा
पंजाब में भूपेश बघेल के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गए हैं। भाजपा इसे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी और अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर हमला बोल रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा पर पलटवार करते हुए उसके अपने संगठन में मतभेदों का हवाला दे रही है। ऐसे में पंजाब की सियासत का असर अब छत्तीसगढ़ की राजनीतिक बहस में भी साफ दिखाई देने लगा है।