मध्यप्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रात के तापमान में गिरावट के साथ-साथ अब दिन का पारा भी नीचे आने लगा है।
शुक्रवार को प्रदेश का सबसे कम तापमान मंडला में 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, प्रदेश के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है।
राजधानी में भी बढ़ी ठंड
राजधानी भोपाल में ठंड का असर तेज हो गया है। शुक्रवार को रात का तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। इससे पहले 23 नवंबर को भी भोपाल में शीतलहर चली थी।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में शुक्रवार का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ।
मौसम विभाग ने दी जानकारी
सर्द हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण यह बदलाव हो रहा है और अगले एक-दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में वर्तमान में जेट स्ट्रीम सक्रिय है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब का क्षेत्र विकसित हो चुका है।
वहीं, अफगानिस्तान के पास पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में सक्रिय है, जिससे हवाओं का रुख उत्तरी और उत्तर-पूर्वी दिशा की ओर बना हुआ है।
कब चलती है शीतलहर
आपको बता दें शीतलहर तब चलती है जब रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो और साथ ही तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है।
, इन दोनों शर्तों का मिलना शीतलहर चलने का कारण बनता है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी।
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