भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सिंगरौली की हवा लगातार जहरीली बनी हुई है। यहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया। वहीं, इंदौर में खराब श्रेणी में बना हुआ है। बुधवार को भोपाल में कलेक्टर ऑफिस के पास एक्यूआई 309, ग्वालियर में 322, जबलपुर में 318, सिंगरौली में 317 दर्ज किया गया। इंदौर में 276 दर्ज किया गया। भोपाल में एक्यूआई बढ़ने का कारण विकास कार्यों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तरफ से जारी निर्देशों का पालन नहीं होना बढ़ा कारण है। भोपाल के कोलार में 6 लेन निर्माण में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा मेट्रो प्रोजेक्ट, खस्ताहाल सड़कें, वाहनों का प्रदूषण और खेतों में पराली जलाना बढ़ा कारण है। भोपाल में कई जगह कचरे में खुले में आग लगाई जा रही है। दूसरी तरफ कार्रवाई के नाम तंदूर पर खाने बनाने पर कार्रवाई की जा रही है। जबकि कचरे में आग लगाने के मामले में मॉनीटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यह भी प्रदूषण का एक बढ़ा कारण है।
भोपाल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में ग्रीन नेट नहीं लगाने पर पेनाल्टी, कचरा जलाने पर स्पॉट फाइन किया जा रहा है। वहीं, प्रदूषण रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में मशीनों से पानी का छिड़काव, सड़क की मैकेनिकल मशीन से सफाई की जा रही है। आगे उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में नमी के कारण बारीक कण नीचे रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सिंगरौली की हवा लगातार जहरीली बनी हुई है। यहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया। वहीं, इंदौर में खराब श्रेणी में बना हुआ है। बुधवार को भोपाल में कलेक्टर ऑफिस के पास एक्यूआई 309, ग्वालियर में 322, जबलपुर में 318, सिंगरौली में 317 दर्ज किया गया। इंदौर में 276 दर्ज किया गया।
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