79 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारने के बाद अब पार्टी प्रदेश की शेष 151 सीटों पर प्रत्याशी चयन को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। पिछले चुनाव में जिन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, उनके प्रत्याशियों को लेकर भी स्थानीय के साथ-साथ जातीय समीकरणों पर मंथन किया जा रहा है। प्रत्येक सीट को लेकर बीते दो दिन से प्रदेश भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक कर रहे हैं।
इन सीटों पर ज्यादा फोकस
इसमें विभिन्न माध्यमों से विधानसभा क्षेत्रों में कराए सर्वे की रिपोर्ट पर चर्चा कर संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार करके केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। भाजपा का एससी और एसटी सीटों पर फोकस विधानसभा चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह साफ कर चुके हैं कि सबसे ज्यादा फोकस एससी और एसटी सीटों वर्ग के लिए सुरक्षित सीटों पर किया जाए। इसके लिए सरकार के कामकाज को आदिवासियों तक पहुंचाया जाए और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी या जयस जैसे संगठनों की वास्तविकता जनता के सामने रखें।
बड़े नेताओं के दौरे करवाने के भी निर्देश दिए
इन क्षेत्रों में बूथ को मजबूत करने और बड़े नेताओं के दौरे करवाने के भी निर्देश दिए हैं। 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में 47 सीटे एसटी और 35 सीटें एससी के लिए सुरक्षित हैं। वरिष्ठ नेताओं को निर्देश, चुनाव जीते भी और जिताएं भी पार्टी के 79 प्रत्याशियों के साथ भी चुनाव प्रबंधन समिति के पदाधिकारी बैठक कर चुके हैं।
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