महू विधानसभा मध्यप्रदेश कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन सकती है। दरअसल यहां से कांग्रेस नेता और विधानसभा के पूर्व सदस्य अंतर सिंह दरबार टिकट काटने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने के मूड में है। 24 घंटे पहले जारी हुई कांग्रेस की विधानसभा चुनाव 2023 की उम्मीदवारों की सूची में अंतर सिंह दरबार का नाम नहीं है।
दरबार की जगह पर यहां से राम किशोर शुक्ला को टिकट दिया गया है 2003 में शुक्ला कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बन गए थे, वहीं दरबार का कहना है कि अब जब सत्ता में कांग्रेस की सरकार आने में केवल एक महीने का समय बचा है, ऐसे में शुक्ला दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को देर रात प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी करती है, जिसमें ध्यान से उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। जिसमें इंदौर जिले की महू विधानसभा से कांग्रेस ने हाल ही में बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए राम किशोर शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। प्रत्याशी की घोषणा के बाद महू के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार के समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया है और समर्थन में नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशोर शुक्ला का विरोध किया।
क्या बोले अंतर सिंह दरबार
अंतर सिंह दरबार ने कहा, "हमने अपनी महू की जनता के लिए अपने लोगों के लिए बहुत सपने देखे थे कि मैं चुनाव जीत कर लोगों की बहुत सेवा करूंगा। वहीं चुनाव हारने के बाद पिछले 15 साल तक जबरदस्त सेवा भी की है. परंतु जो व्यक्ति (रामकिशोर शुक्ल) सरकार गई थी 2003 में उसके दो महीने बाद ही कार्यकर्ताओं को लावारिस छोड़कर के सत्ता का भोग लालच देख सत्ता के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुआ था। वहीं व्यक्ति 19-20 साल बाद कांग्रेस के सत्ता के आने में एक महीने की देरी के साथ ही पार्टी जॉइन करता है और ज्वाइन करके कांग्रेस पार्टी बड़े नेता उसे आशीर्वाद देते हैं, उसे टिकट देते हैं।
'कार्यकर्ताओं में काफी रोष है'
जिससे युवाओं में, किसानों में और कार्यकर्ताओं में काफी रोष है। मैं उनको बहुत समझा रहा हूं। नेता उसे आशीर्वाद देते हैं उसे टिकट देते हैं जिससे युवाओं में किसानों में और कार्यकर्ताओं में काफी रोष है।मैं उनको (समर्थकों) बहुत समझा रहा हूं और इन्होंने निर्णय लिया है कि दिनांक 21 को सुबह 10:00 बजे महू में एक रैली निकालना है, अपनी भावनाओं जनता तक पहुंचना है. जनता जो फैसला लेगी वो हमें मंजूर होगा।
दरअसल अपना टिकट कटने के पीछे अंतर सिंह दरबार ने एक वजह का खुलासा भी किया है, दरबार में मीडिया को बताया की महू में भारत जोड़ो यात्रा का सारा खर्चा उनके द्वारा किया गया था। लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि इस मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यक्रम बना दिया जाए। इस बात पर अंतर सिंह दरबार राजी नहीं थे और बस इसी मामले को लेकर कमलनाथ के कान भर दिए गए। इस कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए मेरा वर्चस्व लोगों की आंखों में खटकने लगा, मैंने कहा कि इस कार्यक्रम का खर्च मैंने किया है तो संचालन भी मैं ही करूंगा, लेकिन यह दूसरे लोगों को पसंद नहीं आया और यही कारण था कि मेरा टिकट काटा गया है.
निर्दलीय चुनाव लड़ें अथवा नहीं यह जनता करेगी तय
अंतर सिंह दरबार यही नहीं रुके, अंतर सिंह दरबार ने कहा कि जिस आदमी ने 2003 में पार्टी का साथ छोड़ दिया वह महेश एक महीने पहले दोबारा कांग्रेस ज्वाइन करता है और उसे पार्टी टिकट देकर चुनाव लड़ने का आदेश देती है. ऐसे में जो सर्वे कराए गए उनका क्या अर्थ है. अंतर सिंह दरबार में इस तरह कांग्रेस के इंटरनल सर्वे पर सवाल खड़े किए. निर्दलीय चुनाव लड़ने के सवाल पर अंतर सिंह दरबार ने कहा कि शनिवार को सुबह 10:00 बजे एक रैली के माध्यम से वह जनता से यह पूछेंगे कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए कि नहीं और रैली खत्म होने के बाद ही यह फैसला जनता के जरिए किया जाएगा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़े अथवा नहीं।
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