रायपुर। छत्तीसगढ़ में 30 अप्रैल को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सभी विधायकों को सत्र में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश जारी किए हैं। इस विशेष सत्र में सरकार की ओर से निंदा प्रस्ताव पेश किए जाने की तैयारी है।
बीजेपी का सख्त रुख, विधायकों को जारी निर्देश
बीजेपी संगठन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी विधायक विशेष सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहें। पार्टी इस सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम मान रही है और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चाहती।
निंदा प्रस्ताव के जरिए विपक्ष पर निशाना
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा के इस विशेष सत्र में निंदा प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसके जरिए सरकार विपक्ष के हालिया रुख और बयानों को मुद्दा बनाकर उसे घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज
इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भी प्रमुख मुद्दा रहेगा। बीजेपी इस विषय पर विपक्ष को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है, जबकि कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुकी है।
30 अप्रैल को होगा विशेष सत्र
राज्य विधानसभा का विशेष सत्र 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में राजनीतिक टकराव तेज होने के आसार हैं, क्योंकि दोनों प्रमुख दल अपने-अपने मुद्दों को लेकर पूरी तैयारी में जुटे हैं।