रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने के लिए 'विकसित भारत जी रामजी योजना (VB-G Ram G Yojana)' को लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 1 जुलाई 2026 से लागू इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। साथ ही इस वित्तीय वर्ष में करीब 6,855 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए जाएंगे।
15 अगस्त से शुरू होंगे तीन विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त से 26 जनवरी के बीच तीन विशेष अभियान चलाए जाएंगे, जिनका फोकस गांवों की बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास पर रहेगा। पहले अभियान 'मेरी बेटी मेरा अभियान' के तहत प्रदेश के 6,671 स्कूलों में छात्राओं के लिए नए शौचालय बनाए जाएंगे। दूसरे अभियान 'मोर गांव मोर पानी' के जरिए 10,027 सूखे नलकूपों को रिचार्ज करने के लिए रिचार्ज वेल तैयार किए जाएंगे, जिससे जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन अभियानों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, जल उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।
318 तरह के विकास कार्यों पर होगा फोकस
सरकार ने इस योजना को बहुआयामी स्वरूप दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्य किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं-
107 प्रकार के जल संरक्षण कार्य
90 प्रकार के ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य
86 प्रकार के आजीविका बढ़ाने वाले कार्य
35 प्रकार के जलवायु एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य
इसके अलावा गांवों में पुस्तकालय, पशु चिकित्सालय, सामुदायिक सुविधाएं और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का भी विकास किया जाएगा।
6,524 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनेंगे
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 6,524 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय भी बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 391 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
पशुपालन और आजीविका पर रहेगा विशेष जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन से जुड़ी अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे, ताकि लोगों को रोजगार के लिए गांव छोड़कर बाहर न जाना पड़े। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना और स्थायी रोजगार के अवसर तैयार करना है।
जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन भी योजना का हिस्सा
नई योजना में केवल रोजगार और निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़, आग और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए भी कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का क्या है दावा?
सरकार का कहना है कि 'विकसित भारत जी रामजी योजना' ग्रामीण विकास का एक समग्र मॉडल है। इससे रोजगार, आधारभूत सुविधाओं, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था- सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य रखा गया है। अब इस योजना के क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव पर सभी की नजर रहेगी।