छत्तीसगढ़ सरकार ने रासायनिक खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का ऐलान किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
खाद की कालाबाजारी पर सीधी चेतावनी
बैठक में मंत्री नेताम ने स्पष्ट किया कि खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों को सीधे जेल भेजा जा सकता है। यह कदम खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
सरकार की सजगता और जैविक खेती का प्रोत्साहन
नेताम ने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है और खाद की कमी नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
खाद आपूर्ति और निगरानी
मंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले समय में उर्वरक आपूर्ति बेहतर होगी, इसलिए किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार खरीफ 2026 की तैयारियों के तहत लगातार निगरानी कर रही है और उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
वैकल्पिक उर्वरक और जैविक खेती
बैठक में यह भी बताया गया कि पिछले वर्ष डीएपी आपूर्ति में आई बाधाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार एनपीके, एसएसपी और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।