रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण अभियान को अगले चरण में पहुंचा दिया है। जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण के बाद अब ब्लॉक अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान की शुरुआत अगस्त में बस्तर संभाग से होगी, जबकि सरगुजा संभाग में भी इसी महीने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
'कनेक्ट सेंटर' से होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
पार्टी ने प्रशिक्षण अभियान की निगरानी के लिए 'कनेक्ट सेंटर' की व्यवस्था की है। इसके जरिए पदाधिकारियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और उनके प्रदर्शन के आधार पर भविष्य की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। कांग्रेस का उद्देश्य ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाना है।
भाजपा का तंज, अरुण साव ने उठाए सवाल
कांग्रेस के इस अभियान पर भाजपा ने निशाना साधा है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को प्रशिक्षण की जरूरत है क्योंकि पार्टी के भीतर ही लगातार विवाद और गुटबाजी चल रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पंजाब दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस में विवाद सामने आ रहे हैं। साव ने सवाल उठाया कि केवल छोटे पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देने से संगठन की समस्याएं दूर नहीं होंगी।
कांग्रेस का पलटवार
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू ने कहा कि भाजपा को पहले अपने संगठन की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने नेताओं के बीच के मतभेद नहीं सुलझा पा रही है, इसलिए कांग्रेस के प्रशिक्षण अभियान पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। साहू ने कहा कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी पर फोकस
कांग्रेस इस प्रशिक्षण अभियान के जरिए 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर सवाल उठा रही है। ऐसे में संगठनात्मक प्रशिक्षण अब प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गया है।